मोहब्बत ने दिल तोड़ा है मेरा

मोहब्बत ने दिल तोड़ा है मेरा मैंने उल्फ़त की जफ़ाएं हैं खायी दुनिया भी ठुकरा दे जो मुझको मदहोशी-ए-ज़िन्दगी मैंने ही पायी रेहनुमा थी, या फ़रिश्ता कोई आने से जिसके बहार थी छायी आहट से उसकी महक जाती थी मेहफ़िल चमन में जैसे कली मुस्कुरायी मत पूछ मेरे दोस्त मेरी चाल क्यों लड़खड़ायी कमबख्त, उस… Continue reading मोहब्बत ने दिल तोड़ा है मेरा